Translate

Sunday, February 13, 2011

सफ़र- ऐ-फैज़

 सारा देश फैज़ अहमद फैज़ की जनम शती मन रहा है | एक ऐसा शाएर जिसने अपनी जिंदगी में कभी हार नहीं मानी| और जिस पर देशद्रोह का इलज़ाम भी लगा जिसने विस्थापन झेला |जेल कटी फिर भी लोगो की स्मृति में उनके लिए आज भी वही अपनापन और प्यार जिन्दा है प्रस्तुत है उनके कुछ कहे अनकहे नगमे
     बर्बते -दिल के तार टूट गए ,है जमी बोस राहतों के महल
    मिट गए किस्सा हा-ऐ -फिक्र -औ -अमल ,बज्मे हस्ती के जाम फूट गए
    छीन गया कैफे- कौसर-औ -तसनीम , ज़ह्माते -गिरिया औ -बुक -बे -सूद 
    हो चूका ख़त्म रहमतो का नुज़ूल ,बंद है मुद्दतों से बाबे -कबूल ,
    बे -नियज़े -दुआ है रब्बे -करीम ,बुझा गई शम्मे -आरजूए - ज़मील
    याद बाकि है बेकसी की दलील , इन्तजारे -फ़िज़ूल रहने दे
    राजे -उल्फत निबाहने वाले ,बारे -गम से कराहने वाले 
     काविशे -बे -हुसूल  रहने दे \ 
     

10 comments:

  1. फैज़ साहब की ग़ज़ल पढवाने के लिए धन्यवाद|

    ReplyDelete
  2. इस बात में कोई भी दो राय नहीं है कि लिखना बहुत ही अच्छी आदत है, इसलिये ब्लॉग पर लिखना सराहनीय कार्य है| इससे हम अपने विचारों को हर एक की पहुँच के लिये प्रस्तुत कर देते हैं| विचारों का सही महत्व तब ही है, जबकि वे किसी भी रूप में समाज के सभी वर्गों के लोगों के बीच पहुँच सकें| इस कार्य में योगदान करने के लिये मेरी ओर से आभार और साधुवाद स्वीकार करें|

    अनेक दिनों की व्यस्ततम जीवनचर्या के चलते आपके ब्लॉग नहीं देख सका| आज फुर्सत मिली है, तब जबकि 14 फरवरी, 2011 की तारीख बदलने वाली है| आज के दिन विशेषकर युवा लोग ‘‘वैलेण्टाइन-डे’’ मनाकर ‘प्यार’ जैसी पवित्र अनुभूति को प्रकट करने का साहस जुटाते हैं और अपने प्रेमी/प्रेमिका को प्यार भरा उपहार देते हैं| आप सबके लिये दो लाइनें मेरी ओर से, पढिये और आनन्द लीजिये -

    वैलेण्टाइन-डे पर होश खो बैठा मैं तुझको देखकर!
    बता क्या दूँ तौफा तुझे, अच्छा नहीं लगता कुछ तुझे देखकर!!

    शुभाकॉंक्षी|
    डॉ. पुरुषोत्तम मीणा ‘निरंकुश’
    सम्पादक (जयपुर से प्रकाशित हिन्दी पाक्षिक समाचार-पत्र ‘प्रेसपालिका’) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
    (देश के सत्रह राज्यों में सेवारत और 1994 से दिल्ली से पंजीबद्ध राष्ट्रीय संगठन, जिसमें 4650 से अधिक आजीवन कार्यकर्ता सेवारत हैं)
    फोन : 0141-2222225(सायं सात से आठ बजे के बीच)
    मोबाइल : 098285-02666

    ReplyDelete
    Replies
    1. shukriya sir jawab me deri ke liye kshma prarthin hu .....aap sab ne mujhe itna hausla diya uske liye abhar

      Delete
  3. ब्लॉग की दुनिया में आपका स्वागत, उत्तरप्रदेश ब्लोगेर असोसिएसन uttarpradeshblogerassociation.blogspot.com ब्लोगेरो की एक बड़ी संस्था बन रही है. आप इसके प्रशंसक बनकर हमारा उत्साह वर्धन करें. ब्लॉग पर पहुँचने के लिए यहाँ क्लीक करें. इस सामुदायिक चिट्ठे पर लेखक बनने के लिए अपना मेल आईडी इस पते पर भेंजे, indianbloger@gamil.com , इसके बाद आपको एक निमंत्रण मिलेगा और उसे स्वीकार करते ही आप इसके लेखक बन जायेंगे.


    साथ ही पूर्वांचल प्रेस क्लब [ poorvanchalpressclub.blogspot.com से जुड़े इसके समर्थक बने, और अपने क्षेत्र की मीडिया से सम्बंधित पोस्ट हमें editor.bhadohinews @gamil.com पर या editor.bhadohinews.harish @blogger.com भेंजे

    ReplyDelete
  4. अच्छी शुरुआत।
    शोभनम्।
    स्वागत है आपका
    आइये हिन्दी
    एवं हिन्दी ब्लॉग जगत् को सुशोभित कीजिये
    इसे समृद्ध बनाइये।

    ReplyDelete
  5. इस सुंदर से चिट्ठे के साथ आपका हिंदी चिट्ठा जगत में स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    ReplyDelete
    Replies
    1. aapka bahut bahut shukriya .......is hauslaafzai ke liye

      Delete
  6. husala aafzai ke liye aap sabhi ka tahe dil se shukriya

    ReplyDelete